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शब्द (सबसे बड़ी शक्ति)

249.00

    • Author: Raaz Rajpoot Gangaura
    • Page: 134
    • Genre: Literature
    • Price: 249
    • Format: Paperback
    • Publisher: Literature Chronicle

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शब्द केवल अक्षरों का समूह नहीं हैं, वे भावनाएँ हैं, विचार हैं और जीवन को दिशा देने वाली शक्ति हैं। यह पुस्तक शब्दों की उसी शक्ति को समझने और महसूस करने का एक गहन प्रयास है। प्राचीन काल से लेकर आज के डिजिटल युग तक, शब्दों ने इंसान की सोच, रिश्तों, समाज और इतिहास को आकार दिया है।

यह पुस्तक पाठकों को बताती है कि कैसे एक सही समय पर बोला गया शब्द किसी का जीवन बदल सकता है, और कैसे एक गलत शब्द गहरे घाव दे सकता है। इसमें जीवन से जुड़े सरल लेकिन गहरे अनुभवों, कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से शब्दों के प्रभाव को समझाया गया है।

शब्द रिश्तों में संवाद की अहमियत, आत्मसंवाद (self-talk), मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक बदलाव, व्यक्तिगत छवि और आज के दौर में सोशल मीडिया व आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) के संदर्भ में शब्दों की भूमिका पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक बताती है कि आज के समय में शब्द केवल बोले या लिखे नहीं जाते, बल्कि वे शेयर होते हैं, वायरल होते हैं और हमारी पहचान बन जाते हैं।

यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो बेहतर इंसान बनना चाहते हैं, अपने शब्दों के प्रति सजग होना चाहते हैं और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं। लेखक का मानना है कि अगर इंसान अपने शब्दों को समझ ले, तो वह अपने विचार, व्यवहार और भविष्य—तीनों को बेहतर बना सकता है।

शब्द एक ऐसी यात्रा है, जो पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि वह क्या बोल रहा है, कैसे बोल रहा है और क्यों बोल रहा है—क्योंकि कई बार शब्द ही हमारा सबसे बड़ा परिचय बन जाते हैं।

Weight 670 kg
Dimensions 30 × 22 × 8 cm

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