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मार्तण्ड

350.00

  • Author: Rakshit Raj
  • Page: 217
  • Genre: Literature>Essay
  • Price: 350
  • Format: Paperback
  • Publisher: Literature Chronicle

मार्तण्ड — यह केवल एक शीर्षक नहीं, एक प्रतीक है; उस अग्निबीज विचार का, जो तमस के विरुद्ध आलोक की उद्घोषणा करता है । यह पुस्तक न तो मन बहलाने के लिए है, न साहित्यिक श्रृंगार के लिए। यह लेखनी की वह नालंदा है, जिसमें शब्द नहीं, शस्त्र ढलते हैं — और हर वाक्य एक वैचारिक प्रत्यंचा पर चढ़ा बाण है । ये उस अनुसंधान का प्रतीक है जहां मनुष्य कवि हृदय, दार्शनिक बुद्धि और क्षत्रिय आत्मा होने के लिए सदैव प्रेरित हो सके । इस संग्रह के निबंध, परंपरागत निबंधों की कोमल लय से विलग, चिंतन के शूल हैं । ये समाज की उस जड़ता को खुरचते हैं, जिसे सभ्यता ने संस्कृति कहकर पोषित किया है । यहाँ भाषा पंख नहीं, पंजे लिए आती है । “मार्तण्ड” में गद्य और पद्य यह समागम केवल विधा का संगम नहीं, यह दो चेतनाओं की मुठभेड़ है — एक जो सोचती है, और एक जो उसे अनुभूत करती है । यह पुस्तक किसी को संतुष्टि नहीं देगी — बल्कि बेचैनी देगी । और यही उसका उद्देश्य है । यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो साहित्य में सिर्फ सौंदर्य नहीं, साहस भी खोजते हैं । जो श्लोक में करुणा के साथ, कठोरता सहने का भी अभ्यास रखते हैं । जो निबंध में निष्कर्ष नहीं, विस्फोट पढ़ना चाहते हैं । “मार्तण्ड” उसी पाठक के लिए है — जिन्हें सूर्यमुखी बनकर सूरज की आँखों में ताकना है बजाय के सामाजिक संरचना ने उन्हें छुईमुई बना छोड़ा है ।

Weight 670 kg
Dimensions 30 × 22 × 8 cm

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